
शाहगंज, जौनपुर। शाहगंज क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन 20 से 25 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो रहे हैं। शुक्रवार की शाम गोसाईंपुर अंतर्गत चकलालमनपुर गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक आवारा कुत्ते ने सात साल के मासूम सूर्य पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के मुंह, आंख और गाल के आसपास गंभीर रूप से काट लिया। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
चकलालमनपुर निवासी लाल साहब का बेटा सूर्य शुक्रवार शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। आसपास के लोग जब तक उसे बचाने पहुंचे, तब तक कुत्ता बच्चे के चेहरे को बुरी तरह नोच चुका था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश ने बताया कि क्षेत्र में कुत्तों के काटने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। रोजाना सीएचसी में करीब 50 लोगों को एंटी-रेबीज का टीका लगाया जा रहा है, जिनमें 20 से 25 नए मामले होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और साफ पानी से धोकर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं।
कुत्ते के काटने के बाद युवक को किया गया बीएचयू रेफर
करंजाकला। उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में गुरुवार देर शाम कुत्ते के काटे जाने के बाद एक युवक को परिजन इलाज के लिए लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति में मौजूद जूनियर डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उसे बीएचयू रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक असामान्य व्यवहार कर रहा था। बीएचयू रेफर किए जाने से नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया। हालांकि बाद में बनारस के एक अन्य सरकारी अस्पताल में इलाज मिलने पर स्थिति शांत हुई।
ढाई साल में 85 हजार से अधिक लोग बने शिकार, कई की गई जान
जौनपुर। जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं चिंताजनक स्तर तक पहुंच चुकी हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते ढाई वर्षों में 85 हजार से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिन्हें सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक एंटी-रेबीज का टीका लगाया गया। इन घटनाओं में कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
वर्ष 2021 में मीरगंज क्षेत्र के मीरपुर गांव में पागल कुत्ते के काटने से वनवासी बस्ती निवासी आठ वर्षीय कृष्णा की कुछ दिनों बाद मौत हो गई थी। वहीं, थानागद्दी क्षेत्र के नाऊपुर गांव निवासी 38 वर्षीय धर्मेंद्र गौड़ को करीब डेढ़ साल पहले कुत्ते ने काट लिया था, जिनकी जुलाई 2024 में मृत्यु हो गई। इसी तरह मड़ियाहूं क्षेत्र के नेवढ़िया गांव में पिछले वर्ष मजदूर महेंद्र सरोज की पांच साल की बेटी को कुत्ते ने काट लिया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी।
कोट
“जिला अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था है। आने वाले सभी मरीजों को समय पर टीका लगाया जा रहा है।”
— डॉ. केके राय, सीएमएस
“जनपद में 107 ऐसे विद्यालय हैं जिनकी चहारदीवारी नहीं है। इन स्कूलों में एक-एक शिक्षक को नोडल बनाया गया है, जो निगरानी कर रहे हैं। किसी छात्र को कुत्ते के काटने की स्थिति में आवश्यक इलाज सुनिश्चित कराया जाएगा।”