
Jaunpur News:
एक ओर जहां प्रशासन द्वारा चीनी मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाई गई है, वहीं दूसरी ओर जौनपुर के ग्रामीण इलाकों में पतंग उड़ाने का जुनून कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मकर संक्रांति और वसंत पंचमी जैसे पर्वों को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
🪁 गांवों में नहीं मिल रहीं पतंग, बाजारों की ओर रुख
शाहगंज क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पतंग उपलब्ध न होने के कारण लोग 5 से 10 किलोमीटर दूर कस्बों और बाजारों का रुख कर रहे हैं। पहले जहां गांव की छोटी दुकानों पर आसानी से पतंग मिल जाती थी, वहीं अब नियमों की सख्ती और मांग घटने के डर से दुकानदार पतंग नहीं रख रहे हैं।
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👦 युवाओं और ग्रामीणों की मजबूरी
ग्रामीणों शुभम, संतोष, सुरेश, रमेश, मोहम्मद, आमिर और मुस्तकीम का कहना है कि पहले गांव में ही पतंग मिल जाती थी, लेकिन अब मजबूरी में उन्हें शाहगंज, खेतासराय और आसपास के बाजारों में जाना पड़ रहा है। कई परिवार एक साथ बाइक या साइकिल से बाजार पहुंचकर पतंग की खरीदारी कर रहे हैं।
🧵 दुकानदार भी सतर्क
दुकानदार मोहम्मद अकरम ने बताया कि चीनी मांझे पर प्रतिबंध के चलते इस बार पतंग की बिक्री प्रभावित हुई है। हालांकि दूर-दराज से लोग अब भी पतंग खरीदने आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस समय सिर्फ सादा धागा और सुरक्षित पतंग ही बेची जा रही हैं।
💰 पतंग की कीमत
सबसे सस्ती पतंग: 5 रुपये
अधिकतम कीमत: 15 रुपये
महंगे दाम वाली पतंगों की मांग कम
इसके बावजूद ग्रामीण अंचलों में पतंग को लेकर उत्साह बना हुआ है और बाजारों में धीरे-धीरे भीड़ बढ़ रही है।
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